कोरोना संक्रमण को ग्रहो के गोचर से समझे
May 2, 2020 • RAJESH SRIVASTAVA

 
धर्म और ज्योतिष को मानने वाले लोगो के अनुसार जो कुछ भी होता है उसके पीछे ग्रहो का गोचर होता है। वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर भी धर्म से जुड़े विद्वानों और ज्योतिषियों द्वारा धर्मशास्त्र और पुराणों से प्राप्त ज्योतिषीय सूत्रों से ग्रहों के गोचरीय स्थितियों के आधार पर विश्लेषण कर वैश्विक महामारी कोरोना के विषय में भविष्यवाणी की जा रही है। 
 
ज्योतिष प्रद्युम तिवारी ने ग्रहो के गोचर के आधार पर वैश्विक महामारी कोरोना का विश्लेषण किया।  ग्रहो के गोचर के अनुसार 29 अक्टूबर 2019 को शनि, गुरु और केतु एक साथ धनु राशि में गोचर कर रहे थे। शास्त्रों के अनुसार यह तीन बड़े-बड़े ग्रह जब गोचर में एक साथ आते है तो कोई विशेष संकट लेकर आते है। इसी तरह इस बार के गोचर में इन तीन ग्रहों के गोचर से वैश्विक महामारी का जन्म हुआ, इसी के बाद ठीक 2 माह बाद 29 दिसंबर 2019 को सूर्य और बुध भी धनु राशि में आ गए। इस तरह से 5 बड़े-बड़े ग्रह एक साथ धनु राशि में आ गए, और फल स्वरूप कोरोना महामारी का वैश्विक विकास हुआ और यह महामारी विश्व में तांडव कर रही है। गोचरीय विश्लेषण के अनुसार 5 मई 2020 को शनि देव अपनी स्वराशि मकर में वक्री हो जाएंगे और शनि देव के वक्री होते ही यह महामारी और अधिक फैलने लगेगी। वही 9 दिन बाद 14 मई 2020 को गुरुदेव भी अपनी नीच की राशि मकर में वक्री हो जाएंगे, जिससे कुछ राहत की संभावना रहेगी। यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी और ठीक 2 माह बाद 15 जुलाई 2020 को गुरु देव मकर राशि को छोड़कर धनु राशि में प्रविष्ट हो जाएंगे, जहां पर केतु देव पहले से ही होंगे। इस तरह केतु और गुरु मिलकर इस महामारी को फिर से पुनर्जीवित कर देंगे और यह महामारी फिर से नए नए रूप में सामने आएगी। इसके 20 दिन बाद 5 अगस्त 2020 को शनि भी अपनी स्वराशि को छोड़ कर धनु राशि में पहुँच जाएंगे और तीन ग्रह फिर से एक साथ होंगे इसी समय महामारी चरमोत्कर्ष पर रहेगी। लेकिन यह स्थित 1 माह बाद 3 सितंबर 2020 को जब केतु देव राशि परिवर्तन करके धनु से वृश्चिक राशि में चले जाएंगे तब इस वैश्विक महामारी का कोई उपचार , वैक्सीन दवा आदि मिलेगी और इसके बाद लगातार स्थितियां ठीक होने लगेंगी। वही इसके बाद 15 सितंबर 2020 को गुरु भी मार्गी हो जाएंगे और स्थितियां और अधिक सुधरने लगेगी , उसके बाद 28 सितंबर 2020 को शनिदेव भी मार्गी हो जाएंगे और स्थितियां पूर्णरूपेण समाप्त होने की संभावना है। 
 
यहां यह बताना आवश्यक है कि उपरोक्त वर्णित ग्रहो का गोचर ज्योतिषीय आधार पर वीडियो द्वारा गणेश आपा पंचांग के आधार पर प्रदुम तिवारी द्वारा किया गया है।