स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी - जिलाधिकारी के सख्त तेवर 
September 20, 2019 • RAJESH SRIVASTAVA

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी - जिलाधिकारी के सख्त तेवर 

जिलाधिकारी कानपुर नगर विजय विश्वास पंत ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सजग रहने की चेतावनी दिया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं मे लगे चिकित्सक और अन्य कर्मचारी निष्ठ से कार्य करे। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के तहत जनपद में कुल कितने महिलाओं का पंजीयन हुआ तथा उनका टीकाकरण पंजीयन के सापेक्ष कितनी महिलाओं का हुआ इस पर एडिशनल सीएमओ द्वारा संतोष जनक उत्तर न दिये जाने पर उनके खिलाफ एडवर्स इंट्री दिये जाने और उनके खिलाफ प्रमुख  सचिव को पत्र लिखने के निर्देश दिये। वही एमओआईसी घाटमपुर द्वारा कार्य मे लापरवाही बरतने और कार्यो को जिम्मेदारी से निर्वहन न कर पाने पर उनका स्थान्तरण करने के साथ एडवर्स इंट्री दिये जाने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने समस्त नर्सिंग होमो पर बायोमेडिकल वेस्ट का सम्पूर्ण निस्तारण नियमता कराये जाने केसाथ ही नर्सिंग होम में लगे सफाई कर्मचारियों को बायोमेडिकल वेस्ट के विषय मे सम्पूर्ण प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना प्रशिक्षण के कोई भी सफाई कर्मचारी न रखा जाये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी और पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी को बायोमेडिकल वेस्ट केन्दों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने समस्त एमओआईसी को निर्देशित करते हुए जो भी सीएसची , पीएचसी बनी है और उनकी गुणवत्ता की जांच करे और जांच में अनियमितता पाए जाने पर कार्यदाई संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनपद में जिन टीमों द्वारा स्कूलों , आंगनवाड़ी केन्द्रो में बच्चों के परीक्षण के लिए टीम जाने से पूर्व गांवों में प्रचार प्रसार किया जाये और ब्लाक वार गम्भीर बच्चो की सूची के साथ किस तरह का ईलाज किया गया है इसकी भी सूची तैयार की जाये। वही जिलाधिकारी ने बायोमैट्रीक अटेंडेंट को लेकर सभी सीएसची , पीएचसी और अन्य अस्पतालों की समीक्षा करने के साथ कम अटेंडेंस होने पर कड़ी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिया।